श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 212
 
 
श्लोक  2.9.212 
ভক্তি-যোগে ভীষ্ম তোমা জিনিল সমরে
ভক্তি-যোগে যশোদায বান্ধিল তোমারে
भक्ति-योगे भीष्म तोमा जिनिल समरे
भक्ति-योगे यशोदाय बान्धिल तोमारे
 
 
अनुवाद
भक्ति के कारण ही भीष्म ने युद्धभूमि में आपको जीता था और भक्ति के कारण ही यशोदा ने आपको बांधा था।
 
It was because of devotion that Bhishma defeated you on the battlefield and it was because of devotion that Yashoda tied you.
तात्पर्य
भीष्म और यशोदा की भक्ति भाव की व्याख्या के लिए, आदिकांड (17.26) की टिप्पणी देखें।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)