श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 210
 
 
श्लोक  2.9.210 
যে তুমি করিলা ধন্য গোকুল-নগর
এখনে হৈলা নবদ্বীপ পুরন্দর
ये तुमि करिला धन्य गोकुल-नगर
एखने हैला नवद्वीप पुरन्दर
 
 
अनुवाद
“आपने ही गोकुल नगरी को गौरवशाली बनाया था और अब आप नवद्वीप के राजा के रूप में प्रकट हुए हैं।
 
“You were the one who made the city of Gokul glorious and now you have appeared as the king of Navadvipa.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)