vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन
»
श्लोक 210
श्लोक
2.9.210
যে তুমি করিলা ধন্য গোকুল-নগর
এখনে হৈলা নবদ্বীপ পুরন্দর
ये तुमि करिला धन्य गोकुल-नगर
एखने हैला नवद्वीप पुरन्दर
अनुवाद
“आपने ही गोकुल नगरी को गौरवशाली बनाया था और अब आप नवद्वीप के राजा के रूप में प्रकट हुए हैं।
“You were the one who made the city of Gokul glorious and now you have appeared as the king of Navadvipa.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×