श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  2.9.20 
যোড হস্তে সম্মুখে সকল ভক্ত-গণ
রহিলেন পরম আনন্দ-যুক্ত মন
योड हस्ते सम्मुखे सकल भक्त-गण
रहिलेन परम आनन्द-युक्त मन
 
 
अनुवाद
सभी भक्तों को भगवान के समक्ष हाथ जोड़कर खड़े होने पर अपार आनंद की अनुभूति हुई।
 
All the devotees felt immense joy while standing with folded hands in front of God.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)