श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 199
 
 
श्लोक  2.9.199 
প্রভুর আজ্ঞায জগন্-মাতা সরস্বতী
প্রবেশিলা জিহ্বায, শ্রীধর করে স্তুতি
प्रभुर आज्ञाय जगन्-माता सरस्वती
प्रवेशिला जिह्वाय, श्रीधर करे स्तुति
 
 
अनुवाद
भगवान के आदेश से, ब्रह्मांड की माता सरस्वती, श्रीधर की जिह्वा पर प्रकट हुईं और श्रीधर ने प्रार्थना करना शुरू कर दिया।
 
By the Lord's command, Saraswati, the mother of the universe, appeared on Sridhar's tongue and Sridhar began to pray.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)