श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 194
 
 
श्लोक  2.9.194 
প্রকৃতি-স্বরূপা সব যোড-হস্ত করিঽ
স্তুতি করে চতুর্-দিকে পরমা সুন্দরী
प्रकृति-स्वरूपा सब योड-हस्त करिऽ
स्तुति करे चतुर्-दिके परमा सुन्दरी
 
 
अनुवाद
चारों दिशाओं में अत्यन्त सुन्दर स्त्रियाँ हाथ जोड़कर भगवान् का गुणगान कर रही थीं।
 
In all four directions, very beautiful women were singing praises of God with folded hands.
तात्पर्य
प्रकृति-स्वरूपा शब्द भगवान के समकक्ष अर्थात् पत्नियों को कहा गया है।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)