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श्लोक 2.9.193  |
মহা-ফণী ছত্র ধরে শিরের উপরে
সনক, নারদ, শুক দেখে স্তুতি করে |
महा-फणी छत्र धरे शिरेर उपरे
सनक, नारद, शुक देखे स्तुति करे |
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| अनुवाद |
| उन्होंने देखा कि भगवान अनन्त भगवान के सिर पर अपने हजार फनों को छत्र की तरह धारण किये हुए हैं तथा सनक, नारद और शुकदेव भगवान की महिमा का गान कर रहे हैं। |
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| He saw Lord Ananta holding His thousand hoods like an umbrella over the head of the Lord and Sanaka, Narada and Sukadeva singing the glories of the Lord. |
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