श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 191
 
 
श्लोक  2.9.191 
হাতে মোহন বṁশী, দক্ষিণে বলরাম
মহা-জ্যোতির্-ময সব দেখে বিদ্যমান
हाते मोहन वꣳशी, दक्षिणे बलराम
महा-ज्योतिर्-मय सब देखे विद्यमान
 
 
अनुवाद
उनके हाथों में एक मनमोहक बांसुरी थी और बलराम उनके दाहिनी ओर खड़े थे। श्रीधर ने देखा कि पूरा स्थान एक उज्ज्वल तेज से भर गया था।
 
He held a mesmerizing flute in his hands, and Balarama stood to his right. Sridhara saw that the entire space was filled with a bright radiance.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)