श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 186
 
 
श्लोक  2.9.186 
এই লীলা করিব চৈতন্য হেন আছে
ইহার করণে সে শ্রীধরে খোলা বেচে
एइ लीला करिब चैतन्य हेन आछे
इहार करणे से श्रीधरे खोला वेचे
 
 
अनुवाद
भगवान चैतन्य को ये लीलाएँ करने की इच्छा थी, इसीलिए उन्होंने श्रीधर को केले के पत्ते बेचने को कहा।
 
Lord Chaitanya wanted to perform these pastimes, so he asked Sridhar to sell banana leaves.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)