श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 175
 
 
श्लोक  2.9.175 
“আর কি পসার নাহি” শ্রীধর যে বলে
“অল্প কডি দিযা তথা কিনঽ পাত-খোলে”
“आर कि पसार नाहि” श्रीधर ये बले
“अल्प कडि दिया तथा किनऽ पात-खोले”
 
 
अनुवाद
“और कोई दुकान नहीं है क्या?” श्रीधर ने पूछा। “वहाँ जाकर सस्ते पत्ते खरीद लो।”
 
“Isn't there another shop?” Sridhar asked. “Go there and buy cheap leaves.”
तात्पर्य
जब प्रभु ने जबरदस्ती श्रीधर के सामान उठा लिए, तो श्रीधर ने कहा, “मेरे से लेने के बजाए आप दूसरे दुकानदार के पास जा कर केले के पत्ते सस्ते में क्यों नहीं खरीदते?”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)