श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 167
 
 
श्लोक  2.9.167 
আমার হাতের দ্রব্য লহ যে কাডিযা
এত-দিন কে আমি, না জানিস্ ইহা
आमार हातेर द्रव्य लह ये काडिया
एत-दिन के आमि, ना जानिस् इहा
 
 
अनुवाद
"तुम मेरे हाथ से सामान क्यों ले रहे हो? क्या तुम्हें अभी तक पता नहीं कि मैं कौन हूँ?"
 
"Why are you taking things from my hand? Don't you know who I am yet?"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)