श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  2.9.16 
অন্য অন্য দিন প্রভু নাচে দাস্য-ভাবে
ক্ষণেকে ঐশ্বর্য প্রকাশিযা পুনঃ ভাঙ্গে
अन्य अन्य दिन प्रभु नाचे दास्य-भावे
क्षणेके ऐश्वर्य प्रकाशिया पुनः भाङ्गे
 
 
अनुवाद
अन्य दिनों में भगवान सेवक की मुद्रा में नृत्य करते थे और क्षण भर के लिए ही अपनी ऐश्वर्य को प्रकट करते थे और फिर उसे वापस ले लेते थे।
 
On other days the Lord would dance in the posture of a servant and would reveal His glory for a moment and then withdraw it.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)