श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 154
 
 
श्लोक  2.9.154 
শুনিযা প্রভুর নাম শ্রীধর মূর্ছিত
আনন্দে বিহ্বল হৈঽ পডিলা ভূমিত
शुनिया प्रभुर नाम श्रीधर मूर्छित
आनन्दे विह्वल हैऽ पडिला भूमित
 
 
अनुवाद
भगवान का नाम सुनते ही श्रीधर आनंद से अभिभूत हो गए और बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े।
 
On hearing the name of the Lord, Sridhar was overwhelmed with joy and fell unconscious on the ground.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)