श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 153
 
 
श्लोक  2.9.153 
“চল চল মহাশয, প্রভু দেখ গিযা
আমরা কৃতার্থ হৈ তোমা পরশিযা”
“चल चल महाशय, प्रभु देख गिया
आमरा कृतार्थ है तोमा परशिया”
 
 
अनुवाद
"हे महाशय, आइए। आइए और प्रभु के दर्शन कीजिए। आपके स्पर्श से हम महिमावान हो जाएँ।"
 
"Come, sir. Come and see the Lord. May we be glorified by your touch."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)