श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 137
 
 
श्लोक  2.9.137 
নগরের অন্তে গিযা থাকিহ বসিযাযে
মোরে ডাকযে তারে আনিহ ধরিযা”
नगरेर अन्ते गिया थाकिह वसियाये
मोरे डाकये तारे आनिह धरिया”
 
 
अनुवाद
“नगर के किनारे जाकर प्रतीक्षा करो। उस व्यक्ति को लाओ जो मेरा नाम पुकार रहा है।”
 
"Go and wait at the edge of town. Bring the man who's calling my name."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)