श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 135
 
 
श्लोक  2.9.135 
আজ্ঞা হৈল—“শ্রীধরেরে ঝাট গিযা আন
আসিযা দেখুক মোর প্রকাশ-বিধান
आज्ञा हैल—“श्रीधरेरे झाट गिया आन
आसिया देखुक मोर प्रकाश-विधान
 
 
अनुवाद
उन्होंने आदेश दिया, "शीघ्र जाओ और श्रीधर को ले आओ। वह आकर मेरे ऐश्वर्य को देखे।"
 
He ordered, "Go quickly and bring Sridhar. Let him come and see my splendor."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)