vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन
»
श्लोक 13
श्लोक
2.9.13
সঙ্গে নিত্যানন্দ-চন্দ্র পরম বিহ্বল
অল্পে অল্পে ভক্ত-গণ মিলিলা সকল
सङ्गे नित्यानन्द-चन्द्र परम विह्वल
अल्पे अल्पे भक्त-गण मिलिला सकल
अनुवाद
उनके साथ परम व्याकुल नित्यानंद चंद्र भी थे। धीरे-धीरे सभी भक्त वहाँ एकत्रित हो गए।
He was accompanied by the extremely distraught Nityananda Chandra. Gradually, all the devotees gathered there.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×