श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 119
 
 
श्लोक  2.9.119 
“গঙ্গায হৈতে পার চিন্তিলে আমারে
মনে পডে, পার আমি করিল তোমারে”
“गङ्गाय हैते पार चिन्तिले आमारे
मने पडे, पार आमि करिल तोमारे”
 
 
अनुवाद
"गंगा पार करते समय तुमने मुझे याद किया था। क्या अब तुम्हें याद है कि मैंने ही तुम्हें पार कराया था?"
 
"You remembered me while crossing the Ganga. Do you remember now that it was I who helped you cross?"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)