श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 116
 
 
श्लोक  2.9.116 
রক্ষা কর, পরিকর-সঙ্গে কর পার
এক তঙ্কা, এক জোড বখশীষ তোমারঽ
रक्षा कर, परिकर-सङ्गे कर पार
एक तङ्का, एक जोड बखशीष तोमारऽ
 
 
अनुवाद
मेरी रक्षा करो। मुझे और मेरे परिवार को नदी पार ले चलो। मैं तुम्हें एक सिक्का दूँगा और दो सिक्के दान में दूँगा।'
 
"Protect me. Take me and my family across the river. I'll give you one coin and give two coins in charity."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)