श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 107
 
 
श्लोक  2.9.107 
খাইযা বলেন প্রভু,—“তোর মনে আছে?
অমুক নিশায আমি বসিঽ তোর কাছে
खाइया बलेन प्रभु,—“तोर मने आछे?
अमुक निशाय आमि वसिऽ तोर काछे
 
 
अनुवाद
भोजन के बाद प्रभु ने कहा, “क्या तुम्हें वह रात याद है जब मैं तुम्हारे पास बैठा था?
 
After the meal the Lord said, “Do you remember the night when I sat with you?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)