श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  2.9.10 
অদ্ভুত ভোজন যঙ্হি, অদ্ভুত প্রকাশ
যারে তারে বিষ্ণু-ভক্তি-দানের বিলাস
अद्भुत भोजन यङ्हि, अद्भुत प्रकाश
यारे तारे विष्णु-भक्ति-दानेर विलास
 
 
अनुवाद
इस लीला के दौरान भगवान ने अद्भुत भोजन किया, अद्भुत रूप प्रकट किए और सभी को विष्णु की भक्ति प्रदान की।
 
During this pastime the Lord ate wonderful food, manifested wonderful forms and bestowed devotion to Vishnu upon everyone.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)