দেখিযা আনন্দে ভাসে শচী-জগন্-মাতা
ঽবাহিরায পুত্র পাছেঽ—এই মনঃ-কথা
देखिया आनन्दे भासे शची-जगन्-माता
ऽबाहिराय पुत्र पाछेऽ—एइ मनः-कथा
अनुवाद
इन लीलाओं को देखकर जगतजननी शची आनंद से भर गईं और मन ही मन सोचने लगीं, "यह पुत्र भी घर छोड़कर चला जाए।"
Seeing these pastimes, the mother of the universe, Sachi, was filled with joy and started thinking in her mind, "This son should also leave the house."
तात्पर्य
प्रभु के नाना प्रकार के उन्माद के भावों को देखकर विश्व-जननी शचीदेवी आनन्द में मग्न हो गई थी। परन्तु उनके मन में यही सन्देह बना रहता था कि कहीं प्रभु घर छोड़कर न चले जाएँ।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥