श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 78
 
 
श्लोक  2.8.78 
যত যত স্থানে সব পার্ষদ জন্মিলা
অল্পে অল্পে সবে নবদ্বীপেরে আইলা
यत यत स्थाने सब पार्षद जन्मिला
अल्पे अल्पे सबे नवद्वीपेरे आइला
 
 
अनुवाद
भगवान के सभी पार्षद, जो विभिन्न स्थानों पर जन्मे थे, धीरे-धीरे नवद्वीप में आकर उनसे जुड़ गये।
 
All the Lord's associates, who were born in different places, gradually came to Navadvipa and joined Him.
तात्पर्य
यह प्रकट करने के लिए कि सर्वोच्च भगवान और उनके सहयोगी भौतिक समय, स्थान और परिस्थितियों से बंधे नहीं होते हैं, प्रभु के भक्त विभिन्न जातियों, विभिन्न देशों और विभिन्न काल में जन्म लेते हैं। वे चाहे जहाँ भी, कभी भी या किसी भी परिस्थिति में जन्म लें, वे उत्सुकता से श्री चैतन्यदेव, जो परम सत्य हैं उनकी सेवा में संलग्न रहते हैं।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)