এই-মত অনেক কৌতুক প্রতিদিনে
মর্মী-ভৃত্য বৈ ইহা কেহ নাহি জানে
एइ-मत अनेक कौतुक प्रतिदिने
मर्मी-भृत्य बै इहा केह नाहि जाने
अनुवाद
इस प्रकार प्रतिदिन अनेक मधुर लीलाएँ होती रहती थीं, जिनका ज्ञान भगवान के विश्वासपात्र सेवकों के अतिरिक्त किसी को नहीं था।
In this way, many sweet pastimes took place every day, which no one knew except the Lord's trusted servants.
तात्पर्य
वाक्य मर्मी-भृत्य इस प्रकार समझाया गया है: भगवान की सेवा के विमुख, मूढ़ भौतिकवादी सुख भोगने के लिए पूरी दुनिया में भटकते हैं। वे बाहरी दुनिया में प्रवेश करने और रहस्यमयी सत्यों का उद्घाटन करने में असमर्थ हैं। केवल भगवान के गोपनीय सेवक, जो बाहरी दिखावे में भ्रमित नहीं हैं, वास्तव में आंतरिक सत्य का एहसास करने में सक्षम हैं।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥