श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 70
 
 
श्लोक  2.8.70 
“উঠ উঠ মাতা, তুমি স্থির কর চিত
কেনে বা পডিলা পৃথিবীতে আচম্ভিত?
“उठ उठ माता, तुमि स्थिर कर चित
केने वा पडिला पृथिवीते आचम्भित?
 
 
अनुवाद
"हे माँ, उठो। शांत हो जाओ। तुम अचानक ज़मीन पर क्यों गिर पड़ीं?"
 
"Hey, Mom, wake up. Calm down. Why did you suddenly fall to the ground?"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)