श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 69
 
 
श्लोक  2.8.69 
আথে-ব্যথে মহাপ্রভু আচমন করিঽ
গাযে হাত দিযা জননীরে তোলে ধরিঽ
आथे-व्यथे महाप्रभु आचमन करिऽ
गाये हात दिया जननीरे तोले धरिऽ
 
 
अनुवाद
महाप्रभु ने जल्दी से अपने हाथ धोये और अपनी माता को उठाया।
 
Mahaprabhu quickly washed his hands and picked up his mother.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)