श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 65
 
 
श्लोक  2.8.65 
শঙ্খ, চক্র, গদা, পদ্ম, শ্রীহল-মুষল
শ্রীবত্স-কৌস্তুভ দেখে মকর-কুণ্ডল
शङ्ख, चक्र, गदा, पद्म, श्रीहल-मुषल
श्रीवत्स-कौस्तुभ देखे मकर-कुण्डल
 
 
अनुवाद
उसने देखा कि उनके पास शंख, चक्र, गदा, कमल, हल, मुसल, श्रीवत्स चिह्न, कौस्तुभ मणि थी और उनके कानों में शार्क के आकार के कुंडल थे।
 
He saw that He had a conch, a discus, a mace, a lotus, a plough, a pestle, the Srivatsa symbol, the Kaustubha gem, and shark-shaped earrings in His ears.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)