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श्री चैतन्य भागवत
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खण्ड 2: मध्य-खण्ड
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अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन
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श्लोक 64
श्लोक
2.8.64
কৃষ্ণ-শুক্ল-বর্ণ দেখে দুই মনোহর
দুই জন চতুর্-ভুজ, দুই দিগম্বর
कृष्ण-शुक्ल-वर्ण देखे दुइ मनोहर
दुइ जन चतुर्-भुज, दुइ दिगम्बर
अनुवाद
उसने दो मनमोहक बालक देखे, एक का रंग गोरा था और दूसरे का रंग काला। दोनों के चार-चार हाथ थे और दोनों नग्न थे।
He saw two beautiful boys, one fair-skinned and the other dark-skinned. Both had four arms and were naked.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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