श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 60
 
 
श्लोक  2.8.60 
বসিলেন দুই প্রভু করিতে ভোজন
কৌশল্যার ঘরে যেন শ্রী-রাম-লক্ষ্মণ
वसिलेन दुइ प्रभु करिते भोजन
कौशल्यार घरे येन श्री-राम-लक्ष्मण
 
 
अनुवाद
जिस भाव से दोनों भगवान एक साथ बैठकर भोजन कर रहे थे, वह कौशल्या के घर में श्रीराम और लक्ष्मण के भोजन करने के भाव जैसा था।
 
The feeling with which both the Gods were sitting together and eating was similar to the feeling with which Shri Ram and Lakshman were eating in Kaushalya's house.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)