श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 52
 
 
श्लोक  2.8.52 
পুত্রের বচনে শচী হরিষ হৈলা
ভিক্ষার সামগ্রী যত করিতে লাগিলা
पुत्रेर वचने शची हरिष हैला
भिक्षार सामग्री यत करिते लागिला
 
 
अनुवाद
माता शची अपने पुत्र की ये बातें सुनकर प्रसन्न हुईं और दोपहर के भोजन के लिए सामग्री इकट्ठा करने लगीं।
 
Mother Shachi was pleased to hear these words from her son and started collecting the ingredients for lunch.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)