श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 45
 
 
श्लोक  2.8.45 
হাসে প্রভু বিশ্বম্ভর শুনিযা স্বপন
জননীর প্রতি বলে মধুর বচন
हासे प्रभु विश्वम्भर शुनिया स्वपन
जननीर प्रति बले मधुर वचन
 
 
अनुवाद
स्वप्न की बातें सुनकर भगवान विश्वम्भर हँसे और अपनी माता से मधुर वाणी में बोले।
 
Hearing the details of the dream, Lord Vishvambhar laughed and spoke to his mother in a sweet voice.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)