श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 42
 
 
श्लोक  2.8.42 
কাহারো হাতের কেহ কাডিঽ লৈঽ খায
কাহারো মুখের কেহ মুখ দিযা খায
काहारो हातेर केह काडिऽ लैऽ खाय
काहारो मुखेर केह मुख दिया खाय
 
 
अनुवाद
“किसी ने दूसरे का भोजन छीनकर खा लिया, और किसी ने दूसरे के मुँह का भोजन अपने मुँह से खा लिया।
 
“Someone snatched the food from another and ate it, and someone ate the food from another's mouth with his own mouth.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)