श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 40
 
 
श्लोक  2.8.40 
নিত্যানন্দ বলে,—“তোর কৃষ্ণেরে কি ডর
গৌরচন্দ্র বিশ্বম্ভর—আমার ঈশ্বর”
नित्यानन्द बले,—“तोर कृष्णेरे कि डर
गौरचन्द्र विश्वम्भर—आमार ईश्वर”
 
 
अनुवाद
नित्यानंद ने उत्तर दिया, 'मैं आपके कृष्ण से नहीं डरता, क्योंकि मेरे भगवान गौरचन्द्र विश्वम्भर हैं।'
 
Nityananda replied, 'I am not afraid of your Krishna, because my Lord is Gaurachandra Visvambhara.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)