श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  2.8.38 
রাম-কৃষ্ণ বলে,—“আজি মোর দোষ নাই
বান্ধিযা এডিমু দুই ঢঙ্গ এই ঠাঞি
राम-कृष्ण बले,—“आजि मोर दोष नाइ
बान्धिया एडिमु दुइ ढङ्ग एइ ठाञि
 
 
अनुवाद
तब राम और कृष्ण ने कहा, 'यदि हम आज तुम ढोंगियों को बाँध दें तो इसमें हमारा कोई दोष नहीं होगा।'
 
Then Ram and Krishna said, 'If we tie you hypocrites today, it will not be our fault.'
तात्पर्य
एड़मु शब्द का अर्थ है "रखेंगे"।

नीत्यानंद ने राम और कृष्ण को उनकी वर्तमान स्थिति के बारे में बताया। उन्होंने जवाब दिया, "हम आप दोनों को यहां बांधकर रखेंगे, और फिर हम इस स्थान को छोड़ देंगे। जब हम ऐसा करेंगे, तो कोई भी हमारी गलती नहीं निकाल सकता।" यद्यपि बलराम और कृष्ण देवताओं के रूप में वहां मौजूद थे, जब गौर और नित्यानंद की स्थिति स्थापित की गई, तो वे [बलराम और कृष्ण] उन्हें [गौर और नित्यानंद] कृष्ण और बलराम की स्थिति में स्थापित करके उस स्थान को छोड़ना चाहते थे।

 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)