नीत्यानंद ने राम और कृष्ण को उनकी वर्तमान स्थिति के बारे में बताया। उन्होंने जवाब दिया, "हम आप दोनों को यहां बांधकर रखेंगे, और फिर हम इस स्थान को छोड़ देंगे। जब हम ऐसा करेंगे, तो कोई भी हमारी गलती नहीं निकाल सकता।" यद्यपि बलराम और कृष्ण देवताओं के रूप में वहां मौजूद थे, जब गौर और नित्यानंद की स्थिति स्थापित की गई, तो वे [बलराम और कृष्ण] उन्हें [गौर और नित्यानंद] कृष्ण और बलराम की स्थिति में स्थापित करके उस स्थान को छोड़ना चाहते थे।
