श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 37
 
 
श्लोक  2.8.37 
প্রীতে যদি না ছাডিবা, খাইবা মারণ
লুটিযা খাইলে বা রাখিবে কোন্ জন?”
प्रीते यदि ना छाडिबा, खाइबा मारण
लुटिया खाइले वा राखिबे कोन् जन?”
 
 
अनुवाद
"अगर तुम हमें प्यार से खाने नहीं दोगे, तो तुम्हें पीटा जाएगा। और अगर हम ज़बरदस्ती खाएँगे, तो हमें कौन रोक सकता है?"
 
"If you don't let us eat with love, you will be beaten. And if we force us to eat, who can stop us?"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)