श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  2.8.34 
এ বাডী, এ ঘর, সব আমা দোঙ্হাকার
এ সন্দেশ, দধি, দুগ্ধ যত উপহার”
ए बाडी, ए घर, सब आमा दोङ्हाकार
ए सन्देश, दधि, दुग्ध यत उपहार”
 
 
अनुवाद
यह घर, ये कमरे, यह संदेश, यह दही और यह दूध सब हमारा है।
 
This house, these rooms, this message, this curd and this milk, all are ours.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)