श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 324
 
 
श्लोक  2.8.324 
এই-মত আনন্দ হয নবদ্বীপ-পুরে
প্রেম-রসে বৈকুণ্ঠের নাযক বিহরে
एइ-मत आनन्द हय नवद्वीप-पुरे
प्रेम-रसे वैकुण्ठेर नायक विहरे
 
 
अनुवाद
इस प्रकार, नवद्वीप में विभिन्न आनंदमय लीलाएँ घटित हुईं, जब वैकुंठ के भगवान ने अपनी आनंदमय प्रेम लीलाओं का आनंद लिया।
 
Thus, various blissful pastimes took place in Navadvipa when the Lord of Vaikuntha enjoyed His blissful love pastimes.
तात्पर्य
नवद्वीप-पुरा का अर्थ है गौड़-पुरा या श्री मायापुर ग्राम।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)