श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 318
 
 
श्लोक  2.8.318 
কত-ক্ষণ থাকিঽ প্রভু খট্টার উপর
আনন্দে মূর্ছিত হৈলাশ্রী-গৌরসুন্দর
कत-क्षण थाकिऽ प्रभु खट्टार उपर
आनन्दे मूर्छित हैलाश्री-गौरसुन्दर
 
 
अनुवाद
कुछ समय तक सिंहासन पर रहने के बाद भगवान गौरसुन्दर परमानंद में अचेत हो गये।
 
After remaining on the throne for some time, Lord Gaursundara fell unconscious in ecstasy.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)