vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन
»
श्लोक 314
श्लोक
2.8.314
বাহ্য প্রকাশিযা পুনঃ করযে ক্রন্দন
দাস্য-ভাব প্রকাশ করযে অনুক্ষণ
बाह्य प्रकाशिया पुनः करये क्रन्दन
दास्य-भाव प्रकाश करये अनुक्षण
अनुवाद
अपनी चेतना वापस आते ही भगवान रोने लगे। फिर वे सेवक की तरह लगातार रोते रहे।
As soon as he regained consciousness, the Lord began to cry. Then, like a servant, he continued to cry.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×