vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन
»
श्लोक 310
श्लोक
2.8.310
ঽবর মাগঽ বলে অদ্বৈতের মুখ চাহি
“তোর লাগিঽ অবতার মোর এই ঠাঞি”
ऽवर मागऽ बले अद्वैतेर मुख चाहि
“तोर लागिऽ अवतार मोर एइ ठाञि”
अनुवाद
भगवान ने अद्वैत की ओर देखा और कहा, "कुछ वरदान मांगो। मैं तुम्हारे कारण ही यहाँ अवतरित हुआ हूँ।"
The Lord looked at Advaita and said, "Ask for some boon. I have incarnated here because of you."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×