श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 310
 
 
श्लोक  2.8.310 
ঽবর মাগঽ বলে অদ্বৈতের মুখ চাহি
“তোর লাগিঽ অবতার মোর এই ঠাঞি”
ऽवर मागऽ बले अद्वैतेर मुख चाहि
“तोर लागिऽ अवतार मोर एइ ठाञि”
 
 
अनुवाद
भगवान ने अद्वैत की ओर देखा और कहा, "कुछ वरदान मांगो। मैं तुम्हारे कारण ही यहाँ अवतरित हुआ हूँ।"
 
The Lord looked at Advaita and said, "Ask for some boon. I have incarnated here because of you."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)