vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन
»
श्लोक 309
श्लोक
2.8.309
যেখানে যে আছে, সে আছযে সেইখানে
তদূর্ধ্ব হৈতে কেহ নারে আজ্ঞা-বিনে
येखाने ये आछे, से आछये सेइखाने
तदूर्ध्व हैते केह नारे आज्ञा-विने
अनुवाद
मनुष्य अपनी योग्यता के अनुसार इन लीलाओं को समझ सकता है। भगवान की अनुमति के बिना कोई भी इससे अधिक नहीं समझ सकता।
Human beings can understand these pastimes according to their abilities. No one can understand more than this without the Lord's permission.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×