श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 309
 
 
श्लोक  2.8.309 
যেখানে যে আছে, সে আছযে সেইখানে
তদূর্ধ্ব হৈতে কেহ নারে আজ্ঞা-বিনে
येखाने ये आछे, से आछये सेइखाने
तदूर्ध्व हैते केह नारे आज्ञा-विने
 
 
अनुवाद
मनुष्य अपनी योग्यता के अनुसार इन लीलाओं को समझ सकता है। भगवान की अनुमति के बिना कोई भी इससे अधिक नहीं समझ सकता।
 
Human beings can understand these pastimes according to their abilities. No one can understand more than this without the Lord's permission.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)