श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 307
 
 
श्लोक  2.8.307 
মহা-ভযে যোড-হাতে সব-ভক্ত-গণ
হেঙ্ট মাথা করিঽ চিন্তে চৈতন্য-চরণ
महा-भये योड-हाते सब-भक्त-गण
हेङ्ट माथा करिऽ चिन्ते चैतन्य-चरण
 
 
अनुवाद
सभी भक्तों ने बड़े भय से अपने हाथ जोड़ लिए और सिर झुकाकर भगवान चैतन्य के चरणकमलों का स्मरण किया।
 
All the devotees joined their hands with great fear and bowed their heads and remembered the lotus feet of Lord Chaitanya.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)