श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 295
 
 
श्लोक  2.8.295 
ব্যবহারে জন-শত-দুইর আহার
নিমিষে খাইযা বলে,—“কি আছযে আর?”
व्यवहारे जन-शत-दुइर आहार
निमिषे खाइया बले,—“कि आछये आर?”
 
 
अनुवाद
भगवान ने सामान्य गणना के अनुसार एक ही क्षण में दो सौ लोगों के लिए पर्याप्त भोजन खा लिया। फिर उन्होंने पूछा, "तुम्हारे पास और क्या है?"
 
The Lord ate enough food for two hundred people in a single moment, according to the usual calculation. Then he asked, "What else do you have?"
तात्पर्य
व्यवहारे शब्द का अर्थ है "सांसारिक विचारों के अनुसार।"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)