श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 293
 
 
श्लोक  2.8.293 
বিবিধ সন্দেশ খায শর্করা-ম্রক্ষিত
মিশ্র, নারিকেল-জল শস্যের সহিত
विविध सन्देश खाय शर्करा-म्रक्षित
मिश्र, नारिकेल-जल शस्येर सहित
 
 
अनुवाद
वह चीनी के साथ मिश्रित विभिन्न प्रकार की दूध की मिठाइयाँ खाते थे, साथ ही मिश्री और गूदे सहित हरा नारियल पानी भी पीते थे।
 
He would eat a variety of milk sweets mixed with sugar, as well as drink green coconut water with sugar candy and pulp.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)