श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 291
 
 
श्लोक  2.8.291 
করে করে প্রভুরে যোগায সব দাসে
আনন্দে ভোজন করে প্রভু নিজাবেশে
करे करे प्रभुरे योगाय सब दासे
आनन्दे भोजन करे प्रभु निजावेशे
 
 
अनुवाद
तब भगवान के सभी सेवकों ने उन्हें अपने हाथों से विभिन्न प्रकार की वस्तुएं भेंट कीं और भगवान ने प्रसन्नतापूर्वक उन्हें खाया।
 
Then all the servants of the Lord offered Him various kinds of things with their own hands and the Lord happily ate them.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)