श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 290
 
 
श्लोक  2.8.290 
প্রভু বলে,—“মুঞি ইহা খাইমু সকল”
অদ্বৈত বলযে,—“প্রভু বডৈ মঙ্গল”
प्रभु बले,—“मुञि इहा खाइमु सकल”
अद्वैत बलये,—“प्रभु बडै मङ्गल”
 
 
अनुवाद
भगवान ने कहा, “मैं यह सब खा लूँगा।” तब अद्वैत ने कहा, “हे प्रभु, यह अत्यंत शुभ होगा।”
 
The Lord said, “I will eat it all.” Then Advaita said, “O Lord, this will be very auspicious.”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)