श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 288
 
 
श्लोक  2.8.288 
তো-সবার লাগিযা আমার অবতার
তোরা যেই দেহঽ, সেই আমার আহার
तो-सबार लागिया आमार अवतार
तोरा येइ देहऽ, सेइ आमार आहार
 
 
अनुवाद
"मैंने तुम्हारे लिए अवतार लिया है। तुम मुझे जो कुछ भी अर्पित करते हो, वही मेरा भोजन है।"
 
"I have incarnated for you. Whatever you offer me is my food."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)