श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 285
 
 
श्लोक  2.8.285 
চৈতন্য-আজ্ঞায স্থির হৈল কীর্তন
কহে আপনার তত্ত্ব করিযা গর্জন
चैतन्य-आज्ञाय स्थिर हैल कीर्तन
कहे आपनार तत्त्व करिया गर्जन
 
 
अनुवाद
भगवान चैतन्य के आदेश पर कीर्तन रोक दिया गया। तब भगवान ने ज़ोर से अपनी महिमा प्रकट की।
 
At Lord Chaitanya's command, the kirtan was stopped. Then the Lord loudly revealed His glories.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)