श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 283
 
 
श्लोक  2.8.283 
মড মড করে খট্টা বিশ্বম্ভর-ভরে
আথে-ব্যথে নিত্যানন্দ খট্টা স্পর্শ করে
मड मड करे खट्टा विश्वम्भर-भरे
आथे-व्यथे नित्यानन्द खट्टा स्पर्श करे
 
 
अनुवाद
विश्वम्भर के भार के कारण जब सिंहासन में दरार की ध्वनि हुई, तो नित्यानंद ने शीघ्रता से उसे छू लिया।
 
When the throne cracked under the weight of Vishvambhara, Nityananda quickly touched it.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)