श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 282
 
 
श्लोक  2.8.282 
শালগ্রাম-শিলা-সব নিজ-কোলে করিঽ
উঠিলা চৈতন্য-চন্দ্র খট্টার উপরি
शालग्राम-शिला-सब निज-कोले करिऽ
उठिला चैतन्य-चन्द्र खट्टार उपरि
 
 
अनुवाद
तब श्री चैतन्यचन्द्र ने सभी शालग्राम शिलाओं को अपनी गोद में ले लिया और सिंहासन पर बैठ गये।
 
Then Sri Chaitanyachandra took all the Shaligram stones in his lap and sat on the throne.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)