नादिआ में आज, जहाँ हज़ारों विद्वान ब्राह्मण निवास करते हैं, वहीं कुछ धोखेबाज़ और ढोंगी प्रबल हो गए हैं। अर्थ-शब्द "ढाँगाईता" (या ढाँगाटी) का अर्थ है "एक धोखेबाज़," "एक धोखेबाज," "एक भ्रष्टाचारी," या "एक चोर।"